🌧 Monsoon Update 2026

मॉनसून अपडेट 2026: IMD की ताज़ा रिपोर्ट — El Niño का खतरा, 92% LPA वर्षा और पूरे भारत पर असर

20 अप्रैल 2026 ✍ Mausam24 डेस्क 📖 लगभग 800 शब्द 🔖 IMD रिपोर्ट आधारित
🔔 ज़रूरी जानकारी: IMD ने 13 अप्रैल 2026 को पहला दीर्घकालिक पूर्वानुमान जारी किया है। इस साल मॉनसून सामान्य से कम (Below Normal) रहने की संभावना है — LPA का सिर्फ 92% यानी करीब 800 मिलीमीटर बारिश
92%
LPA का अनुमानित वर्षा
(सामान्य से कम)
800mm
अनुमानित कुल बारिश
जून–सितंबर 2026
35%
भारी कमी (Deficient) की
संभावना
±5%
IMD का मॉडल
त्रुटि मार्जिन

📌 मॉनसून अपडेट 2026 — पूरी जानकारी

भारत में हर साल जून से सितंबर के बीच आने वाला दक्षिण-पश्चिम मॉनसून देश की कृषि, पानी की आपूर्ति और अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। इस साल 2026 में मॉनसून को लेकर भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने एक अहम भविष्यवाणी की है जिसे सुनकर किसानों और नीति-निर्माताओं दोनों की चिंता बढ़ गई है।

IMD ने 13 अप्रैल 2026 को अपना पहला दीर्घावधि पूर्वानुमान (Long Range Forecast) जारी किया। इसके अनुसार इस साल मॉनसून सामान्य से कम (Below Normal) श्रेणी में रहेगा। कुल वर्षा दीर्घकालिक औसत (LPA) के 92 प्रतिशत के आसपास रह सकती है, जो करीब 800 मिलीमीटर बनता है।

⚠ Below Normal Monsoon El Niño खतरा 3 साल में पहली बार IOD से थोड़ी राहत संभव

🌡️ El Niño क्या है और इसका मॉनसून से क्या रिश्ता?

El Niño एक मौसमी घटना है जिसमें प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्सों में समुद्री सतह का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है। इससे भारत सहित एशिया के कई हिस्सों में मानसून कमज़ोर पड़ जाता है।

💡 IMD के अनुसार: इतिहास में लगभग 10 में से 7 El Niño वर्षों में भारत में मॉनसून सामान्य से कम रहा है। 2026 में यही खतरा फिर मंडरा रहा है।

IMD का मानना है कि जून से सितंबर 2026 के बीच El Niño परिस्थितियां विकसित हो सकती हैं, जो मॉनसून की दूसरी छमाही (अगस्त-सितंबर) को सबसे ज़्यादा प्रभावित कर सकती हैं। अधिक जानकारी के लिए आप मानसून 2026: भारत में आगमन तिथि, वर्षा का अनुमान और मौसम का प्रभाव वाला विस्तृत लेख भी पढ़ सकते हैं।

🗺️ किस क्षेत्र में कैसा रहेगा मॉनसून?

IMD ने स्पष्ट किया है कि इस साल बारिश पूरे देश में एक जैसी नहीं होगी। कुछ इलाकों में सामान्य से कम तो कुछ में थोड़ी राहत भी मिल सकती है।

🌾
मध्य भारत
(MP, Vidarbha)
कम वर्षा
🏔
उत्तर-पश्चिम
भारत
सामान्य
🌿
पूर्वोत्तर
भारत
सामान्य / अधिक
🌴
दक्षिण
प्रायद्वीप
सामान्य

📅 मॉनसून 2026: संभावित टाइमलाइन

अप्र
13 अप्रैल 2026 — पहला पूर्वानुमान जारी IMD ने LPA के 92% वर्षा का अनुमान दिया। El Niño की चेतावनी।
मई
मई के अंतिम सप्ताह — दूसरा अपडेट IMD मॉनसून आगमन की तिथि और क्षेत्रवार विस्तृत जानकारी देगा।
जून
जून के आसपास — केरल में आगमन सामान्यतः 1 जून को केरल पहुंचता है मॉनसून। 2026 में यह तारीख थोड़ी बदल सकती है।
अग-स
अगस्त-सितंबर — सबसे नाज़ुक दौर El Niño का असर इस दौरान चरम पर होगा। किसानों को तैयार रहने की सलाह।

🌊 IOD (Indian Ocean Dipole) — थोड़ी उम्मीद की किरण

हालांकि El Niño की वजह से मॉनसून पर दबाव है, लेकिन एक राहत की बात भी है। IMD के अनुसार मॉनसून के अंत की ओर, यानी सितंबर के आसपास, Indian Ocean Dipole (IOD) सकारात्मक (Positive) स्थिति में आ सकता है।

Positive IOD का मतलब है कि अरब सागर का पश्चिमी हिस्सा गर्म और पूर्वी हिस्सा ठंडा रहता है — जो भारत में बारिश के लिए अनुकूल होता है। इससे El Niño का असर कुछ हद तक कम हो सकता है। मौसम की ताज़ा खबरों के लिए Mausam24.in पर विज़िट करते रहें।

🌾 किसानों और कृषि पर असर

किसान भाइयों के लिए ज़रूरी बात: इस साल अगस्त-सितंबर में सूखे की स्थिति बन सकती है। धान, दालें, तिलहन और कपास जैसी खरीफ फसलों पर असर पड़ सकता है। सिंचाई के वैकल्पिक साधन पहले से तैयार रखें।

भारत की लगभग 70 प्रतिशत कृषि भूमि मॉनसून पर निर्भर करती है। करीब 60 प्रतिशत किसान खरीफ फसलों के लिए पूरी तरह बारिश पर आश्रित हैं। Dhanuka Agritech के चेयरमैन M K Dhanuka ने कहा है कि इस साल बारिश की टाइमिंग और वितरण सबसे महत्वपूर्ण होगा।

हालांकि विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि "सामान्य से कम" मॉनसून का मतलब हमेशा खराब फसल नहीं होता। अगर बारिश सही समय पर और सही जगह हो तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

El Niño वर्षों में below-normal मॉनसून की ऐतिहासिक संभावना
~70% El Niño वर्षों में भारत को कम बारिश

💰 अर्थव्यवस्था और महंगाई पर प्रभाव

RBI ने अप्रैल 2026 की नीति बैठक में El Niño को महंगाई के लिए एक बड़ा जोखिम बताया है। कम बारिश से खाद्यान्न उत्पादन घटता है जिससे सब्जियां, दालें और खाने-पीने का सामान महंगा हो सकता है। यह ग्रामीण मांग और आर्थिक वृद्धि दोनों को प्रभावित करता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

🌧 2026 में मॉनसून कब आएगा केरल में?
सामान्यतः मॉनसून 1 जून के आसपास केरल पहुंचता है। IMD मई के अंत में मॉनसून आगमन की सटीक तिथि जारी करेगा। अभी तक तिथि की पुष्टि नहीं हुई है।
📊 LPA क्या होता है?
LPA यानी Long Period Average — 1971 से 2020 के बीच भारत में औसत वर्षा का आंकड़ा, जो 87 सेंटीमीटर (870mm) है। 96-104% को सामान्य माना जाता है।
🌏 Skymet का क्या अनुमान है?
निजी मौसम एजेंसी Skymet ने 6 अप्रैल को LPA का 94% वर्षा का अनुमान दिया — IMD से थोड़ा बेहतर, लेकिन फिर भी below normal श्रेणी में।
🔄 क्या अगला अपडेट कब आएगा?
IMD मई 2026 के अंतिम सप्ताह में दूसरा और विस्तृत अपडेट जारी करेगा जिसमें क्षेत्रवार और मासिक अनुमान भी होंगे।

📝 निष्कर्ष: क्या करें, क्या न करें?

मॉनसून 2026 को लेकर स्थिति चुनौतीपूर्ण ज़रूर है, लेकिन घबराने की ज़रूरत नहीं। IMD और Skymet दोनों की रिपोर्टें बताती हैं कि बारिश होगी — बस थोड़ी कम और कहीं-कहीं असमान वितरण वाली।

किसानों को सलाह है कि सिंचाई के वैकल्पिक इंतज़ाम पहले से करें, कम पानी चाहने वाली फसलें चुनें, और मौसम विभाग के अपडेट से जुड़े रहें। सरकार को भी जलाशयों का प्रबंधन और पीने के पानी की योजना अभी से बनानी होगी।

मॉनसून 2026 की हर ताज़ा खबर और वैज्ञानिक जानकारी के लिए Mausam24.in पर नज़र रखें। साथ ही मॉनसून के आगमन से जुड़ी विस्तृत जानकारी पढ़ने के लिए AajkaMosam.in का मानसून 2026 विशेष लेख ज़रूर पढ़ें।

M
Mausam24 Editorial Desk भारत के मौसम, मॉनसून और जलवायु पर विशेषज्ञ रिपोर्टिंग। स्रोत: IMD, PIB, Skymet, RBI।
📚 स्रोत और संदर्भ (Sources): • India Meteorological Department (IMD) — पहला दीर्घावधि पूर्वानुमान, 13 अप्रैल 2026
• PIB (Press Information Bureau) — IMD आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति
• Skymet Weather Services — स्वतंत्र मौसम पूर्वानुमान, 6 अप्रैल 2026
• Reserve Bank of India (RBI) — अप्रैल 2026 मौद्रिक नीति
• Business Standard, Outlook Business, Ground Report India
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