11 अगस्त 2026 — क्यों है यह दिन मौसम के लिहाज़ से ख़ास?

10 अगस्त 2026 की रात से ही भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मानसून 2026 के सबसे सक्रिय चरण के संकेत दे दिए हैं। 11 अगस्त को मानसून ट्रफ श्री गंगानगर से लखनऊ, दलतेनगंज और बांकुड़ा होते हुए मणिपुर तक फैली हुई है, जो उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी दोनों इलाकों में भारी बारिश लाएगी। इसके साथ ही उत्तर हरियाणा, पश्चिम व दक्षिण यूपी, पूर्वोत्तर बिहार और मध्य असम पर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) मौसम को और उग्र बना रहे हैं।

कल
11 Aug
⛈️
33/26°C
बुध
12 Aug
🌧️
32/25°C
गुरु
13 Aug
🌦️
33/26°C
शुक्र
14 Aug
⛈️
31/25°C
शनि
15 Aug
🌧️
31/25°C
रवि
16 Aug
🌦️
32/26°C
सोम
17 Aug
🌤️
34/27°C

* लखनऊ के लिए Open-Meteo से प्राप्त अनुमान। लाइव डेटा अपडेट पर बदल सकता है।

🔎 IMD का बड़ा अपडेट: दक्षिण-पश्चिम मानसून का सक्रिय चरण 11 अगस्त को जारी रहेगा। देश के कई हिस्सों में "भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कहीं-कहीं अत्यधिक भारी वर्षा" की संभावना है। मानसून 2026 का पूरा अपडेट यहाँ पढ़ें →

🌧️ उत्तर प्रदेश — 11 अगस्त का मौसम

लखनऊ सहित पूर्वी यूपी के कई जिलों में 11 अगस्त को मूसलाधार बारिश की आशंका है। IMD ने 8 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। गंगा, यमुना, घाघरा, शारदा समेत 10 नदियाँ पहले से ही उफान पर हैं। नीचे उन ज़िलों की सूची दी गई है जहाँ 11 अगस्त को भारी बारिश की आशंका है:

🌧️ लखनऊ 🌧️ प्रयागराज 🌧️ वाराणसी 🌧️ गोरखपुर 🌧️ बलिया 🌧️ आज़मगढ़ 🌧️ मऊ 🌧️ बस्ती

प्रयागराज में संगम के पास गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा के क़रीब पहुँच गया है। मेरठ सहित पश्चिमी यूपी में हल्की से मध्यम बारिश रहेगी। किसानों को सलाह है कि खेत में पानी के जमाव से बचने के लिए नालियाँ साफ रखें।

तापमान की बात करें तो लखनऊ में अधिकतम तापमान 32–33°C और न्यूनतम 25–26°C के बीच रहेगा। आसमान में घने बादल छाए रहेंगे। यूपी में बारिश कब होगी — पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

🌥️ दिल्ली-NCR — 11 अगस्त का मौसम

दिल्ली-NCR में 11 अगस्त को IMD ने येलो अलर्ट जारी किया है। आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। अगस्त 2026 में दिल्ली की बारिश ने पुराने रिकॉर्ड को पहले ही चुनौती दे दी है।

अधिकतम तापमान 32°C के आसपास रहेगा, जो मौसम को काफी सुहावना बनाएगा। गुरुग्राम और चंडीगढ़ में भी बादल रहेंगे और कहीं-कहीं बौछारें पड़ सकती हैं। मुख्य सड़कों पर जलभराव की संभावना को देखते हुए दिल्ली नगर निगम सतर्क है।

⛰️ उत्तराखंड और हिमाचल — खतरे का अलर्ट

उत्तराखंड में 11 अगस्त को सबसे ज़्यादा खतरा है। तमसा नदी पहले से ही उफान पर है और तपकेश्वर महादेव मंदिर के पास जलस्तर बढ़ गया है। चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में रेड अलर्ट जारी है। Flash Flood और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने से बचें।

हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट के साथ भारी बारिश की आशंका है। मनाली-चंडीगढ़ मार्ग पर मलबे का खतरा बना हुआ है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने नदियों के किनारे और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। चंडीगढ़ का मौसम और अपडेट यहाँ देखें।

📊 राज्यवार मौसम तालिका — 11 अगस्त 2026

राज्य / शहरअलर्टतापमान (°C)स्थिति
उत्तर प्रदेश (पूर्वी)ऑरेंज32–33 / 25–26भारी बारिश, नदियाँ उफान पर
दिल्ली-NCRयेलो32–33 / 26हल्की-मध्यम बारिश, बादल
उत्तराखंड (पहाड़ी)रेड22–28 / 16–20अत्यधिक भारी बारिश, Flash Flood
हिमाचल प्रदेशऑरेंज20–28 / 15–18भारी बारिश, भूस्खलन
पंजाब-हरियाणा-चंडीगढ़येलो32–34 / 25मध्यम बारिश के साथ बादल
राजस्थान (पूर्वी)येलो33–36 / 26कहीं-कहीं हल्की बारिश
बिहारऑरेंज31–33 / 26भारी बारिश, 20 ज़िले येलो अलर्ट
पश्चिम बंगालऑरेंज30–32 / 26बंगाल की खाड़ी सिस्टम सक्रिय
मुंबईयेलो29–30 / 25मध्यम बारिश, उमस भरा मौसम
चेन्नईसामान्य32–34 / 27आंशिक बादल, हल्की बारिश
बेंगलुरुयेलो25–28 / 20मध्यम बारिश, सुहावना मौसम
झारखंड (रांची)ऑरेंज28–30 / 23भारी बारिश, बिजली गिरने का खतरा
गुजरात (अहमदाबाद)येलो30–33 / 26कहीं-कहीं भारी बारिश
मध्य प्रदेश (डिंडौरी)ऑरेंज27–30 / 22सभी स्कूल बंद, भारी बारिश
असम-मेघालयरेड25–28 / 21अत्यधिक भारी बारिश, बाढ़ राहत अभियान

🌊 बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम — मानसून को मिलेगी और ताक़त

IMD के मानसून अपडेट के मुताबिक़ बंगाल की खाड़ी में 12–13 अगस्त तक एक नया निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की संभावना है। यह सिस्टम ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दस्तक दे सकता है, जिससे पूर्वी और मध्य भारत में बारिश और तेज़ हो जाएगी। एक बार यह सिस्टम बनता है, तो उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 12 अगस्त से अगले 4–5 दिनों तक भारी बारिश का लंबा दौर शुरू हो सकता है। मानसून 2026 का विस्तृत विश्लेषण AajKaMosam पर पढ़ें

⚠️ सावधानी और सुरक्षा टिप्स — 11 अगस्त के लिए

पहाड़ी इलाकों (उत्तराखंड/हिमाचल) के लिए

नदियों के किनारे और संकरी घाटियों में जाने से बचें। Flash Flood में कुछ सेकंड का अंदाज़ा भी जानलेवा हो सकता है। अगर किसी खतरनाक रास्ते पर हैं, तो तुरंत ऊँची जगह की ओर बढ़ें। स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और आपदा हेल्पलाइन 1077 पर संपर्क करें।

मैदानी इलाकों (यूपी/बिहार/दिल्ली) के लिए

भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों पर गाड़ी चलाने से बचें। नदियों के किनारे मत जाएँ — उफान में आई नदियों का करंट बेहद तेज़ होता है। खेत में काम करने वाले किसान बिजली चमकने पर पेड़ के नीचे खड़े न हों। बच्चों को नालों और तालाबों के पास न जाने दें।

📞 इमरजेंसी नंबर: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन — 1078 | SDRF यूपी — 0522-2239954 | मौसम हेल्पलाइन IMD — 1800-180-1717

🗺️ 11 अगस्त को पूरे भारत का मौसम एक नज़र में

उत्तर-पश्चिम भारत: J&K, हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और यूपी — सभी जगह भारी बारिश। उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी 11–12 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश। बिहार के पूर्णिया और पटना में 20 जिले येलो अलर्ट पर हैं।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश के डिंडौरी ज़िले में सभी स्कूल बंद किए गए हैं। छत्तीसगढ़, विदर्भ (महाराष्ट्र) और तेलंगाना में भी भारी बारिश के आसार हैं।

दक्षिण भारत: बेंगलुरु और केरल में मध्यम से भारी बारिश। चेन्नई में आंशिक बादल रहेंगे। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश इस सप्ताह देशभर में सबसे ज़्यादा बारिश वाले क्षेत्र रहेंगे। बाढ़ राहत व बचाव अभियान जारी है। मानसून की शुरुआत से अब तक का सफ़र पढ़ें


🌾 किसान भाइयों के लिए विशेष मौसम सलाह — 11 अगस्त

11 अगस्त को पूर्वी यूपी, बिहार और झारखंड में भारी बारिश को देखते हुए कृषि विभाग ने निम्नलिखित सलाह जारी की है:

  • धान के खेत में अतिरिक्त पानी निकालने का इंतज़ाम करें।
  • नई बुवाई या रोपाई भारी बारिश के बाद करें।
  • सब्ज़ी की फसलों को जलभराव से बचाने के लिए मेड़ (bund) ऊँची करें।
  • फसल बीमा के कागजात तैयार रखें — बारिश से नुकसान की स्थिति में रिपोर्ट तुरंत करें।
  • तेज़ आंधी की आशंका पर कच्चे घरों की मरम्मत पहले से कर लें।