🏛️ IMD आधिकारिक दीर्घकालिक पूर्वानुमान

मानसून 2026: 92% LPA मौसमी पूर्वानुमान, जुलाई में थोड़ी राहत — अब अगस्त-सितंबर का इम्तिहान!

IMD ने 31 जुलाई 2026 को दूसरे भाग (अगस्त–सितंबर) का पूर्वानुमान जारी किया — सामान्य से कम। जुलाई में वास्तविक वर्षा 280.6mm (1% सामान्य से अधिक) थी जो एक छोटी राहत थी। लेकिन 741 में से 311 जिलों में कम बारिश — चुनौतियाँ अभी भी बनी हैं। IOD के सितंबर में सकारात्मक होने की उम्मीद। पूरा विश्लेषण यहाँ पढ़ें।

🏛️ भारत मौसम विज्ञान विभाग 📅 1 अगस्त 2026 लाइव अपडेट 📖 लगभग 10 मिनट पढ़ने का समय
📌 सबसे ताजा अपडेट (31 जुलाई 2026): IMD ने मानसून के दूसरे भाग (अगस्त–सितंबर) के लिए सामान्य से कम वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया है — संयुक्त LPA 422.8mm है और LPA के 94% से कम रहने की संभावना है। अगस्त का LPA 254.9mm (1971–2020 आधारित) है। IOD अभी तटस्थ है लेकिन सितंबर में सकारात्मक IOD विकसित होने के अंतर्राष्ट्रीय संकेत आ रहे हैं। एल निनो की स्थिति और मजबूत होने की संभावना है।

🏛️ IMD के आधिकारिक पूर्वानुमान — समयरेखा (अप्रैल से अगस्त 2026)

  • 13 अप्रैल 2026: मौसमी LRF — LPA का 92% (799mm) संभावित, सामान्य से कम श्रेणी
  • 29 मई 2026: अपडेट किया गया मौसमी पूर्वानुमान जारी (एल निनो संकेत शामिल)
  • 30 जून 2026: जुलाई 2026 पूर्वानुमान — सामान्य से कम (LPA के 94% से कम); जून हाल के वर्षों के सबसे सूखे महीनों में से एक रहा
  • जुलाई वास्तविक: 280.6mm दर्ज — LPA 280.4mm से मामूली 1% अधिक (राहत)
  • 31 जुलाई 2026: अगस्त–सितंबर पूर्वानुमान — सामान्य से कम (LPA के 94% से कम); संयुक्त LPA 422.8mm
  • LPA संदर्भ: 868.6mm मौसमी (जून–सितंबर), अकेले अगस्त का LPA 254.9mm (1971–2020)
आधिकारिक स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय | mausam.imd.gov.in

📋 एक नजर में — मुख्य बातें

  • मौसमी पूर्वानुमान (13 अप्रैल): LPA का 92% → 799mm, सामान्य से कम श्रेणी
  • जून: हाल के वर्षों के सबसे सूखे महीनों में से एक — सामान्य से कम रहा
  • जुलाई: 280.6mm वास्तविक (LPA 280.4mm) — 1% अधिक, थोड़ी राहत
  • जिले: 741 में से 311 (42%) में जून-जुलाई में कम वर्षा
  • अगस्त–सितंबर पूर्वानुमान: सामान्य से कम (LPA का 94% से कम), 422.8mm से कम
  • एल निनो: कमजोर स्थिति के और मजबूत होने की संभावना, मानसून के दौरान तीव्र
  • IOD: अभी तटस्थ; सितंबर में सकारात्मक IOD संभव (अंतर्राष्ट्रीय मॉडल)
  • तापमान: अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य से अधिक अधिकतम और न्यूनतम तापमान
  • कृषि जोखिम: खरीफ फसलों के लिए दूसरा भाग चुनौतीपूर्ण — जल संरक्षण अत्यावश्यक
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92% मौसमी LPA पूर्वानुमान
13 अप्रैल, IMD
280.6mm जुलाई वास्तविक वर्षा
LPA 280.4mm से +1%
⚠️
42% जिलों में कम वर्षा
741 में से 311 (जून–जुलाई)
📉
<94% अगस्त–सितंबर पूर्वानुमान
LPA 422.8mm से कम

📊 IMD संभाव्यता पूर्वानुमान — मौसमी (13 अप्रैल 2026)

मौसमी पूर्वानुमान में IMD ने 5 श्रेणियों का संभाव्यता वितरण दिया था:

श्रेणीLPA का %IMD संभावनासामान्य औसतक्या मतलब
अत्यंत कम (Deficient)<90%35%16%सूखे जैसी स्थिति — 2 गुना से अधिक
सामान्य से कम (Below Normal)90–95%31%17%सामान्य से 5–10% कम
सामान्य (Normal)96–104%27%33%मुश्किल से संभव (आम 33% होता)
सामान्य से अधिक (Above Normal)105–110%6%16%बहुत कम संभावना
अत्यधिक (Excess)>110%1%17%न के बराबर

निष्कर्ष: 35% + 31% = 66% संयुक्त संभावना है कि वर्षा सामान्य से कम या अत्यंत कम रहे। केवल 27% chance था सामान्य का — आम तौर पर यह 33% होता है। जुलाई में थोड़ी राहत मिली, लेकिन अगस्त-सितंबर ने चिंता बढ़ा दी है।

📅 माह-वार वास्तविक + पूर्वानुमान — जून से सितंबर 2026

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जून 2026 — हाल के सबसे सूखे महीनों में से एक

स्थिति: सामान्य से कम रहा। जून ने हाल के वर्षों के सबसे शुष्क महीनों में से एक दर्ज किया। IMD के मई अपडेट में जून के लिए सामान्य के करीब वर्षा की उम्मीद थी, लेकिन मानसून ने कम आक्रामकता दिखाई। खरीफ बुवाई, जलाशय भराव और जल उपलब्धता — सभी प्रभावित हुए।

जुलाई 2026 — थोड़ी राहत: 280.6mm (1% सामान्य से अधिक)

स्थिति: जुलाई में वास्तविक वर्षा 280.6mm हुई जबकि LPA 280.4mm है — यानी 1% अधिक सामान्य। यह एक छोटी राहत थी। लेकिन क्षेत्रीय वितरण बहुत असमान रहा — 741 में से 311 जिलों (42%) में कम वर्षा दर्ज की गई, जो जून-जुलाई का संयुक्त आंकड़ा है। गहरे निम्न दबाव का उत्तर प्रदेश, ओडिशा, बंगाल में कुछ हिस्सों को फायदा मिला।

⚠️

अगस्त 2026 — सबसे महत्वपूर्ण महीना (पूर्वानुमान: सामान्य से कम)

IMD पूर्वानुमान (31 जुलाई): अगस्त में सामान्य से कम वर्षा की उम्मीद है — LPA 254.9mm से कम। एल निनो की स्थिति और मजबूत होने की संभावना है। IMD ने सामान्य से अधिक अधिकतम व न्यूनतम तापमान का पूर्वानुमान भी जारी किया है जिससे गर्मी का दबाव बढ़ेगा। उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत में अधिक कमी संभव। खरीफ फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण समय।

विस्तारित पूर्वानुमान (30 जुलाई–12 अगस्त): गुजरात में कुछ स्थानों पर असाधारण भारी वर्षा संभव, लेकिन देश भर में सामान्य से कम का रुझान। मानसून ट्रफ हिमालय की तलहटी की ओर उत्तर में खिसकता है।

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सितंबर 2026 — IOD की उम्मीद, लेकिन पूर्वानुमान नीचे

IMD पूर्वानुमान: सितंबर भी सामान्य से कम पूर्वानुमान में शामिल है। संयुक्त अगस्त-सितंबर LPA 422.8mm है और LPA के 94% से कम रहने की संभावना है।

IOD की चाँदी की लकीर: अंतर्राष्ट्रीय पूर्वानुमान केंद्र (ECMWF, UKMO) सुझाव दे रहे हैं कि सितंबर 2026 में सकारात्मक IOD की स्थिति विकसित हो सकती है। IMD ने भी इसका उल्लेख किया है। अगर सकारात्मक IOD आया तो एल निनो के नकारात्मक प्रभाव कुछ हद तक कम हो सकते हैं — जैसा 2023 में हुआ था।

🌊 एल निनो और IOD — क्या है स्थिति?

⚠️
एल निनो 2026 — स्थितियाँ मजबूत हो रही हैं
IMD के 31 जुलाई अपडेट के अनुसार कमजोर एल निनो की स्थिति दक्षिण-पश्चिम मानसून मौसम के दौरान और मजबूत होने की संभावना है। एल निनो आमतौर पर मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य से कम वर्षा का कारण बनता है, खासकर अगस्त-सितंबर में। यह मानसून के दूसरे भाग के लिए मुख्य नकारात्मक कारक है।
IOD — सितंबर में सकारात्मक होने की उम्मीद
अगस्त 2026 में IOD अभी तटस्थ चरण में है (DMI सूचकांक शून्य के करीब)। लेकिन कुछ अंतर्राष्ट्रीय पूर्वानुमान केंद्रों ने सुझाव दिया है कि सितंबर 2026 में सकारात्मक IOD की स्थिति विकसित हो सकती है। सकारात्मक IOD अरब सागर को गर्म करता है और भारत में मानसून की नमी की आपूर्ति बढ़ाता है। 2023 में मजबूत सकारात्मक IOD ने एल निनो के नकारात्मक प्रभावों को काफी हद तक संतुलित किया था।

🗺️ राज्यवार अगस्त–सितंबर पूर्वानुमान — कहाँ क्या होगा?

IMD के 31 जुलाई दूसरे-भाग के दृष्टिकोण और नवीनतम विस्तारित पूर्वानुमानों के अनुसार:

🔴 पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-NCR

अगस्त-सितंबर में सामान्य से कम वर्षा की उम्मीद। सामान्य से अधिक तापमान। खरीफ धान और कपास के लिए दबाव। सिंचाई की माँग बढ़ सकती है।

🔴 राजस्थान

पश्चिमी और मध्य राजस्थान में सबसे चुनौतीपूर्ण स्थितियाँ। एल निनो का सीधा नकारात्मक प्रभाव। देर से मौसम में जल संकट संभव।

🔴 मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़

सामान्य से कम वर्षा की उम्मीद। सोयाबीन (मुख्य फसल) के लिए अगस्त महत्वपूर्ण है। यदि कमी जारी रही तो खरीफ में नुकसान की संभावना।

🔴 गुजरात

अधिकतर सामान्य से कम — लेकिन स्थानीय भारी बारिश के दौर संभव (31 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर असाधारण भारी वर्षा दर्ज)। मूँगफली और कपास प्रभावित।

🟠 उत्तर प्रदेश

मिश्रित स्थितियाँ। पूर्वी UP थोड़ा बेहतर — मानसून ट्रफ UP के ऊपर सक्रिय दौर आते हैं। कुल मिलाकर दूसरे भाग में सामान्य से कम रुझान।

🟠 बिहार, झारखंड, ओडिशा

कुल मिलाकर सामान्य से कम, लेकिन पूर्व-मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक संभव। स्थानीय क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बना रहता है।

🟢 पूर्वोत्तर भारत

IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य या सामान्य से अधिक वर्षा संभव। एल निनो का यहाँ तुलनात्मक रूप से कम असर।

🟢 केरल, कर्नाटक, दक्षिण प्रायद्वीप

पूर्वी प्रायद्वीप में सामान्य से अधिक संभव। केरल और कर्नाटक पश्चिमी घाट में बेहतर स्थिति। सितंबर में सकारात्मक IOD का लाभ दक्षिण को पहले मिलेगा।

🌾 खरीफ 2026 — क्या है चुनौती?

IMD के जुलाई आंकड़ों के अनुसार 741 में से 311 जिलों (42%) में जून-जुलाई में कम वर्षा दर्ज की गई। यह सबसे बड़ी श्रेणी थी। इसका मतलब है कि लगभग आधे भारत में खरीफ फसलें पहले से दबाव में हैं। अगस्त-सितंबर के सामान्य से कम पूर्वानुमान से स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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जोखिम में खरीफ फसलें — अगस्त में सबसे महत्वपूर्ण
धान (चावल): भारत के 60%+ चावल उत्पादन की निर्भरता मानसून पर है। अगस्त में बालें निकलने और फूल आने की अवस्था होती है — इसी समय जल दबाव से सबसे अधिक नुकसान होता है।

सोयाबीन: मध्य प्रदेश और राजस्थान में सबसे प्रभावित। अगस्त में फलियाँ बनने की अवस्था होती है — कमी से सीधा उपज नुकसान।

कपास: गुजरात और महाराष्ट्र में अगस्त-सितंबर में गुलाब बनने की अवस्था। सामान्य से कम वर्षा से रेशे की गुणवत्ता प्रभावित।

मक्का और मूँगफली: वर्षा-आधारित फसलें हैं — जिला स्तर की कमी से सबसे अधिक असुरक्षित हैं।

🌾 किसान भाइयों के लिए — अगस्त 2026 कार्य योजना

  • अभी जल संरक्षण करें: खेत में जो भी बारिश आए — एक भी बूँद व्यर्थ न जाने दें। खेत तालाब, नाली सिंचाई, पलवार (Mulching) का उपयोग करें।
  • ड्रिप और सूक्ष्म सिंचाई: यदि संभव हो तो अगस्त-सितंबर के लिए ड्रिप प्रणाली लगाएँ — अपने राज्य की सरकारी सब्सिडी जाँचें।
  • धान में एकांतर भिगोना और सुखाना (AWD): धान में AWD तकनीक से उपज हानि के बिना 30% पानी बचाया जा सकता है।
  • खरीफ फसल की मध्य-मौसम समीक्षा करें: जो फसलें अंकुरण अवस्था में हैं उन पर अधिक ध्यान दें। तनावग्रस्त फसलों पर कीट हमले भी अधिक होते हैं।
  • PM फसल बीमा योजना: यदि अभी तक नामांकन नहीं किया है तो तुरंत करें — अंतिम तिथि निकल सकती है। इस मौसम में फसल बीमा बेहद जरूरी है।
  • अभी से रबी की योजना बनाएँ: यदि मानसून खरीफ में विफल होता है, रबी मौसम (गेहूँ, सरसों, चना) की तैयारी अभी से शुरू करें। जलाशय और बोरवेल स्तर पर नजर रखें।
  • IMD कृषि-मौसम सलाह का पालन करें: साप्ताहिक जिला-स्तरीय सलाह IMD के mausam.imd.gov.in पर निःशुल्क मिलती है। कुछ राज्यों में WhatsApp पर भी उपलब्ध है।
  • पशुधन चारा अभी से संग्रह करें: यदि अगस्त-सितंबर सूखा पड़ा तो चारे की कमी होगी — अभी से भंडारण करें।

🏜️ सूखे का जोखिम — कितना गंभीर?

मूल अप्रैल पूर्वानुमान में 35% सूखे की संभावना थी (अत्यंत कम श्रेणी = LPA का 90% से कम)। अब जुलाई के वास्तविक आंकड़ों के बाद क्या स्थिति है?

  • जून सामान्य से कम रहा — कृषि बुवाई में देरी हुई
  • जुलाई में थोड़ी राहत मिली (1% सामान्य से अधिक) लेकिन 42% जिले अभी भी कम वर्षा में हैं
  • अगस्त-सितंबर के लिए IMD का पूर्वानुमान सामान्य से कम (<94%) है
  • एल निनो और मजबूत हो रहा है — सूखे का जोखिम अभी भी अधिक है
  • सकारात्मक IOD विकसित हुआ तो जोखिम कुछ कम हो सकता है (सितंबर से)
📊
मौसम का अब तक का स्कोरकार्ड
जून: सामान्य से कम — हाल के वर्षों की सबसे खराब शुरुआत
जुलाई: 280.6mm — LPA से 1% अधिक (थोड़ी राहत)
जून + जुलाई संयुक्त: कई जिलों में कमी (42%)
जलाशय स्तर: जून-जुलाई की कमी के कारण नीचे
अगस्त-सितंबर पूर्वानुमान: सामान्य से कम (LPA का <94%)
अंतिम परिणाम: एल निनो बनाम IOD की लड़ाई सितंबर में तय करेगी

✅ कुछ उम्मीद के संकेत भी हैं

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सकारात्मक IOD और जुलाई की राहत
जुलाई में मामूली सामान्य से अधिक: पूरी तरह से नकारात्मक नहीं — जुलाई में 1% अधिक सामान्य वर्षा आई। यह याद दिलाता है कि मानसून पूरी तरह विफल नहीं हुआ।

सितंबर में सकारात्मक IOD संभव: अंतर्राष्ट्रीय मॉडल (ECMWF, UKMO) सितंबर में सकारात्मक IOD संकेत दे रहे हैं। IMD ने भी स्वीकार किया है कि "सितंबर 2026 के दौरान सकारात्मक IOD की स्थिति विकसित होने की संभावना है।"

स्थानीय भारी बारिश के दौर: विस्तारित पूर्वानुमान में 31 जुलाई – 12 अगस्त तक उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में अलग-अलग भारी बारिश संभव है। गुजरात में 31 जुलाई को असाधारण भारी वर्षा दर्ज की गई।

2023 की मिसाल: 2023 में भी एल निनो था लेकिन सकारात्मक IOD ने मानसून को बचाया था। अब सितंबर में वही पैटर्न दोहराने की उम्मीद है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न — मानसून 2026

IMD मानसून 2026 का ताजा पूर्वानुमान क्या है?
IMD ने 13 अप्रैल 2026 को मौसमी LRF में LPA का 92% (799mm) बताया था — सामान्य से कम श्रेणी। 31 जुलाई 2026 को IMD ने अगस्त-सितंबर के लिए सामान्य से कम (LPA के <94%) वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया। संयुक्त अगस्त-सितंबर LPA 422.8mm है। जुलाई में वास्तविक 280.6mm हुई (LPA से 1% अधिक) — थोड़ी राहत मिली। लेकिन पूरा मौसम चुनौतीपूर्ण है। दैनिक अपडेट के लिए, IMD साप्ताहिक रिपोर्ट देखें।
मानसून 2026 में अगस्त-सितंबर में कितनी बारिश की उम्मीद है?
IMD के 31 जुलाई 2026 के प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अगस्त-सितंबर में संयुक्त वर्षा LPA 422.8mm से कम रहने की संभावना है (LPA के <94%)। अगेले अगस्त का LPA 254.9mm है। एल निनो की स्थिति और मजबूत होने के कारण वर्षा का वितरण असमान रहेगा — कुछ क्षेत्रों में स्थानीय भारी बारिश के दौर भी संभव हैं लेकिन कुल मिलाकर कमी।
एल निनो का मानसून 2026 पर क्या असर है?
IMD के अनुसार कमजोर एल निनो की स्थिति मानसून मौसम के दौरान और मजबूत होने की संभावना है। एल निनो आमतौर पर भारत में उत्तर-पश्चिम, मध्य भारत में सामान्य से कम वर्षा का कारण बनता है। 2015-16 में अंतिम मजबूत एल निनो के समय वास्तविक वर्षा LPA के 86% तक आ गई थी — IMD का शुरुआती अनुमान 93% था। इस साल की स्थिति दिसंबर में स्पष्ट होगी।
IOD मानसून 2026 में कब सकारात्मक होगा?
अगस्त 2026 में IOD तटस्थ चरण में है। IMD के 31 जुलाई अपडेट के अनुसार "कुछ अंतर्राष्ट्रीय पूर्वानुमान केंद्रों के जलवायु पूर्वानुमान सुझाव दे रहे हैं कि सितंबर 2026 के दौरान सकारात्मक IOD की स्थिति विकसित होने की संभावना है।" सकारात्मक IOD अरब सागर को गर्म करता है और भारत में मानसून की नमी की आपूर्ति बढ़ाता है। यह सितंबर-अक्टूबर में राहत दे सकता है।
मानसून 2026 में कितने जिलों में कम वर्षा हुई?
Business Standard की 31 जुलाई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार IMD ने बताया कि जून-जुलाई में 741 जिलों में से 311 जिलों (42%) में कम वर्षा दर्ज की गई — यह सभी श्रेणियों में सबसे बड़ा हिस्सा था। यह असमान वितरण है — राष्ट्रीय औसत जून-जुलाई संयुक्त में मामूली सामान्य से कम था लेकिन देश के आधे हिस्से में सूखे की स्थिति रही।
किसान भाई मानसून 2026 में क्या करें?
IMD ने किसान भाइयों को जल संरक्षण, कम पानी की जरूरत वाली फसलें, ड्रिप/सूक्ष्म सिंचाई अपनाने की सलाह दी है। PM फसल बीमा योजना में नामांकन महत्वपूर्ण है। धान के लिए AWD तकनीक, सूखा-प्रतिरोधी किस्म चुनें, और IMD की साप्ताहिक जिला-स्तरीय कृषि-मौसम सलाह का पालन करें। यदि क्षेत्र सूखा-प्रभावित दिख रहा है तो अभी से रबी मौसम की तैयारी शुरू करें।
क्या मानसून 2026 पूरी तरह विफल हो जाएगा?
ऐसा कहना उचित नहीं होगा। जुलाई में 1% सामान्य से अधिक वर्षा हुई — मानसून पूरी तरह विफल नहीं हुआ। लेकिन वितरण बहुत असमान रहा है — 42% जिलों में कम वर्षा। अगस्त-सितंबर चुनौतीपूर्ण रहेंगे। अंतिम परिणाम एल निनो की तीव्रता और IOD के सकारात्मक होने पर निर्भर करेगा। सितंबर में सकारात्मक IOD विकसित हुआ तो स्थिति में सुधार हो सकता है।
मानसून 2026 सितंबर के बाद कब वापस जाएगा?
दक्षिण-पश्चिम मानसून की सामान्य वापसी की तिथि उत्तर-पश्चिम भारत से 17 सितंबर, दिल्ली से 25 सितंबर और पूरे भारत से अक्टूबर के अंत तक होती है। 2026 में एल निनो के कारण कुछ क्षेत्रों में जल्दी वापसी संभव है। IMD अक्टूबर में वापसी की तिथियाँ घोषित करेगा। ताजा अपडेट के लिए मौसम विभाग साप्ताहिक अपडेट देखें।
📖 प्राथमिक स्रोत (सत्यापित आधिकारिक दस्तावेज़):
1. IMD दीर्घकालिक पूर्वानुमान, 13 अप्रैल 2026 — पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय | mausam.imd.gov.in
2. IMD जुलाई 2026 मासिक दृष्टिकोण, 30 जून 2026 — mausam.imd.gov.in/Forecast
3. IMD दूसरे भाग (अगस्त–सितंबर) दृष्टिकोण, 31 जुलाई 2026 — mausam.imd.gov.in
4. IMD विस्तारित पूर्वानुमान 30 जुलाई – 12 अगस्त 2026
5. Business Standard: "IMD forecasts below-normal rain in August, second half of monsoon" — 31 जुलाई 2026
6. Down to Earth: "Daily Weather Tracker July 2026 Forecast" — 1 जुलाई 2026
7. IMD मानसून सूचना पृष्ठ — mausam.imd.gov.in/responsive/monsooninformation.php

📋 इस लेख के बारे में

यह लेख भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के दस्तावेज़ों और Business Standard, Down to Earth जैसे प्रतिष्ठित स्रोतों पर आधारित है। Mausam24.in टीम केवल सत्यापित सरकारी और स्थापित मीडिया स्रोतों से जानकारी लेती है।

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⚠️ अस्वीकरण: यह लेख IMD की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों (13 अप्रैल, 30 जून, 31 जुलाई 2026) और सत्यापित प्रतिष्ठित स्रोतों पर आधारित है। मौसम पूर्वानुमान 100% सटीक नहीं होते — वास्तविक वर्षा पूर्वानुमान से भिन्न हो सकती है। कृषि, जल संसाधन या वित्तीय निर्णयों के लिए IMD की आधिकारिक वेबसाइट से ताजा अपडेट की पुष्टि करें। Mausam24.in, IMD का आधिकारिक विकल्प नहीं है — यह सूचनात्मक सामग्री है।

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