अपडेटेड: 2 अगस्त 2026 · मौसम24 डेस्क

2026 का मौसम कैलेंडर: जनवरी से दिसंबर तक महीनेवार बारिश, तापमान और मानसून की पूरी जानकारी

स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम24.in विश्लेषण

अगर आप 2026 के मौसम कैलेंडर के बारे में सही और ताज़ा जानकारी ढूंढ रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए है। हर महीने भारत में मौसम कैसा रहेगा, मानसून कब सक्रिय रहेगा, बारिश कहां ज़्यादा होगी और तापमान में क्या बदलाव आएगा — यह सब हम IMD के ताज़ा आंकड़ों के आधार पर आसान भाषा में समझा रहे हैं।

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2026 में मौसम की मौजूदा स्थिति (अगस्त अपडेट)

IMD की ताज़ा प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जुलाई महीने में मानसून की बारिश असमान रही, लेकिन महीने के आखिरी हफ्ते में इसमें सुधार देखा गया। 23 से 29 जुलाई के बीच पूरे देश में औसत से 1 प्रतिशत ज़्यादा बारिश दर्ज हुई, जिसमें मध्य भारत में सामान्य से अधिक बारिश हुई।

हालांकि अगस्त-सितंबर के संयुक्त पूर्वानुमान में IMD ने सामान्य से कम बारिश (LPA का लगभग 94 प्रतिशत) होने की संभावना जताई है। अगस्त का सामान्य औसत 254.9 मिमी है। इसके साथ ही अगस्त में अधिकतम तापमान भी सामान्य से ऊपर रहने का अनुमान है। वहीं 1 और 2 अगस्त को गुजरात, केरल-माहे और तटीय कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

संक्षेप में:
  • जुलाई अंत में मानसून सुधार की स्थिति में
  • अगस्त-सितंबर में सामान्य से थोड़ी कम बारिश की संभावना (94% LPA)
  • गुजरात, केरल, तटीय कर्नाटक में भारी बारिश का अलर्ट
  • पूर्वोत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में छिटपुट भारी बारिश जारी रहेगी

अपने शहर का आज का सटीक हाल जानने के लिए आज का मौसम पेज देखें, या ताज़ा मानसून अपडेट के लिए मानसून अपडेट 2026 पढ़ें।

2026 का महीनेवार मौसम कैलेंडर

जनवरी–फरवरी: कड़ाके की ठंड और कोहरा

उत्तर भारत में घना कोहरा और शीतलहर की स्थिति रहती है। दिल्ली, पंजाब, यूपी और बिहार में सुबह-शाम ठंड ज़्यादा महसूस होती है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना बनी रहती है।

मार्च–मई: गर्मी की शुरुआत और लू का दौर

तापमान तेज़ी से बढ़ता है, खासकर राजस्थान, यूपी और मध्य भारत में। मई के अंत तक कई शहरों में लू (हीटवेव) की चेतावनी जारी होती है।

जून–जुलाई: मानसून की दस्तक

दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल तट से प्रवेश कर धीरे-धीरे पूरे देश को कवर करता है। 2026 में जून-जुलाई के दौरान बारिश असमान रही — देश के 741 में से 311 ज़िलों (लगभग 42 प्रतिशत) में बारिश की कमी दर्ज हुई, जबकि कुल मिलाकर संचयी बारिश औसत से 1 प्रतिशत अधिक रही।

अगस्त–सितंबर: मानसून का दूसरा चरण

यह मानसून सीज़न का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। 2026 में इस अवधि में सामान्य से थोड़ी कम बारिश (94% LPA) का अनुमान है, हालांकि मध्य और पश्चिमी भारत में सामान्य से ऊपर बारिश हो सकती है। हिंद महासागर द्विध्रुव (IOD) फिलहाल न्यूट्रल है, लेकिन सितंबर में पॉज़िटिव IOD बनने के संकेत हैं, जिसका मानसून पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।

अक्टूबर–नवंबर: मानसून की वापसी और बदलता मौसम

मानसून धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम भारत से लौटना शुरू करता है। इस दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव रहता है और कुछ इलाकों में पोस्ट-मानसून बारिश भी देखी जाती है।

दिसंबर: ठंड की वापसी

उत्तर भारत में एक बार फिर ठंड बढ़ने लगती है और साल के अंत तक कोहरे व शीतलहर का दौर शुरू हो जाता है।

प्रमुख शहरों का हाल जानें

नीचे दिए गए लिंक से आप अपने शहर का आज का मौसम विस्तार से देख सकते हैं:

अगस्त 2026 में औसत तापमान (प्रमुख शहर)

शहरअधिकतमन्यूनतम
दिल्ली37°C27°C
मुंबई28°C26°C
जयपुर32°C25°C
लखनऊ33°C26°C
कोलकाता32°C26°C
बेंगलुरु27°C20°C
चेन्नई32°C27°C

स्रोत: औसत जलवायु आंकड़े (2026 अनुमान), स्थानीय स्थिति के अनुसार बदलाव संभव

मानसून 2026 से जुड़ी विस्तृत जानकारी

अगर आप मानसून की गहराई से जानकारी चाहते हैं, तो हमारे विशेष पेज ज़रूर देखें — मानसून 2026 पूरी गाइड, आजकामौसम पर मानसून 2026, और बारिश कब होगी इसके लिए बारिश कब होगी पेज पर विस्तृत जवाब मिलेगा।

बेंगलुरु में हाल की भारी बारिश को लेकर हमने अलग से विश्लेषण किया है — पढ़ें बेंगलुरु मौसम अपडेट। इसके अलावा 12 मई 2026 के भारत मानसून अपडेट के लिए यह लेख और 21 जुलाई 2026 के कल के मौसम अनुमान के लिए कल का मौसम पेज देखें।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय जानें

दिन की लंबाई और धूप के समय की जानकारी के लिए सूर्योदय-सूर्यास्त समय पेज पर जाएं। यह जानकारी खेती, यात्रा और रोज़मर्रा की योजना बनाने में मददगार है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

2026 में मानसून की दूसरी छमाही कैसी रहेगी?

IMD के अनुसार अगस्त-सितंबर में सामान्य से थोड़ी कम बारिश (94% LPA) होने की संभावना है, लेकिन मध्य और पश्चिमी भारत में इससे ज़्यादा बारिश हो सकती है।

अगस्त 2026 में सबसे ज़्यादा बारिश कहां होगी?

गुजरात, केरल-माहे, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पूर्वोत्तर भारत में भी छिटपुट भारी बारिश जारी रहेगी।

क्या 2026 में मानसून सामान्य से कमज़ोर है?

जून-जुलाई में बारिश असमान रही, जिसमें 42 प्रतिशत ज़िलों में कमी दर्ज हुई, लेकिन कुल संचयी बारिश औसत के करीब रही। अगस्त-सितंबर के लिए हल्की कमी का अनुमान है, गंभीर सूखे की स्थिति नहीं है।

2026 की सर्दी कब शुरू होगी?

मानसून की वापसी के बाद अक्टूबर-नवंबर से तापमान गिरना शुरू होगा, और दिसंबर तक उत्तर भारत में ठंड व कोहरे का असर बढ़ जाएगा।

यह लेख IMD (भारत मौसम विज्ञान विभाग) की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों और सार्वजनिक जलवायु आंकड़ों पर आधारित है। मौसम पूर्वानुमान में समय के साथ बदलाव संभव है, इसलिए ताज़ा जानकारी के लिए नियमित रूप से हमारी वेबसाइट देखें।
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